Betul:शासन के आदेश से बेखौफ संचालक ने जुलाई मेें चालू रखा स्कूल

बैतूल

बगैर मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग के 2 जुलाई से चल रहा था आमला ब्लाक का एक बोर्डिंग स्कूल

[28/07, 9:15 pm] TV 24 INDIA NEWS:
बैतूल। कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में छाया है. वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन ने इस वायरस को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है. वहीं भारत के कई प्रदेशों में स्कूल-कॉलेज बंद करने के अलावा जिम, पार्क, मंदिर, सार्वजनिक स्थान और विभिन्न आयोजन रद्द किए जा रहे हैं. मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग ने भी अग्रिम आदेश तक स्कूल-कॉलेज बंद करने का फैसला किया है. बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सरकारी और निजी स्कूल बंद करने का फैसला 31 जुलाई 2020 तक लिया है.
इस सख्त आदेश का बैतूल जिले में लगभग सभी शासकीय व निजी प्रतिष्ठित स्कूल कालेज एवं कोचिंग संस्थान विधिवत् पालन कर रहे थे। किंतु शिक्षा को कमाई का जरिया समझने वाले बैतूल जिले की आमला ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्र के एक शिक्षा माफिया द्वारा अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद होने का लाभ पाने के चक्कर में वैश्विक महामारी को दरकिनार कर लगभग आधा सैकड़ा से अधिक छात्रों के जीवन को दंाव पर लगाते हुए बे खौफ 1-2 जुलाई से ही निजी स्कूल का संचालन शुरू कर दिया था।
वहां न तो सोशल डिस्टेंसिंग थी और न ही कोरोना महामारी के बचाव हेतु मास्क का उपयोग किया जा रहा था। पूरी तरह से लापरवाही के साथ बोर्डिंग स्कूल में छात्र पढ़ाई के साथ योग, एक्सरसाईज व सामूहिक रूप से रहना खाना साथ में कर रहे थे। उक्त गंभीर मामले की विडियोग्राफी कर खबर जिला शिक्षा अधिकारी बैतूल व डीपीसी बैतूल के संज्ञान में लाने पर उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए बीआरसी एवं बीईओ आमला को निजी स्कूल की तीन दिवस में जांच कर रिपोर्ट मांगी थी। जो कि सोमवार 20 जुलाई को प्राप्त हुई जिसमें बीईओ आमला एवं बीआरसी द्वारा लिपा पोती कर दी गई एवं मौके पर विद्यार्थियों का नहीं पाया जाना दर्शाया। सूत्रो के अनुसार बीआरसीसी ऑफिस से स्कूल संचालक को फोन पर उक्त जांच के विषय में सावधान करने की बात कही जा रही है जिसके बाद स्कूल संचालक द्वारा आनन फानन में बच्चों की स्कूल से छुट्टी कर दी।
जांच को प्रभावित करने में बीआरसी की भूमिका अहम बताई जा रही है। इस बात से जिला शिक्षा अधिकारी को भी अवगत कराया जा चुका है। उक्त मामले की विडियो शिकायतकर्ता के पास मौजूद था जिसे कि जिला शिक्षा अधिकारी एवं डीपीसी को दे दिया गया है लेकिन कार्रवाई के नाम पर महज कागजी खानापूर्ति भर कर ली गई। विडियों में साफ स्कूल प्रबंधक की मनमानी दिखाई दे रही है। लोगो का यह कहना है कि उक्त स्कूल का संचालक देश की बड़ी शासकीय सुरक्षा एजेंसी से स्कूल के तार जुड़े होना बताकर अभिभावकों को भ्रमित कर एडमिशन प्राप्त कर रहा है।

इनका कहना था-

जुलाई माह में स्कूल, कोचिंग क्लासेस एवं शैक्षणिक संस्थाओं के बंद रखने के शासन द्वारा निर्देश दिये गये है बावजूद इसके यदि कोई संस्था का संचालन कर रहा है तो वह नियम विरूद्ध है उसके खिलाफ कार्रवाई की जावेगी।
एल.एल. सुनारिया
जिला शिक्षा अधिकारी, बैतूल