Betul : लोकसभा चुनाव में नहीं है दोनो दलों के प्रत्याशियों के पास स्थानीय मुद्दे

बैतूल

एक प्रत्याशी आकाश तो दूसरा पाताल
गुटबाजी चरम पर पीएचई मंत्री पांसे की अनुपस्थिति रही चर्चा का विषय

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बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में 6 मई को लोकसभा चुनाव का मतदान होना है जिसके लिए महज 3-4 दिन ही बाकी बचे है ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याषियों की बात करे तो बीजेपी के प्रत्याषी डीडी उइके के पास स्थानीय मुद्दे नहीं है वे केवल राष्टीय समस्याओं देष-विदेष सहित अन्य राष्टीय मुद्ो और मोदी को आधार बनाकर अपना चुनावी प्रचार कर सांसद का चुनाव जीतना चाह रहे है तो दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याषी रामू टेकाम असली और नकली आदिवासी का मुददा लिए हुए है उनका इस चुनाव में केवल टारगेट बीजेपी सांसद ज्योति धुर्वे को आदिवासी के नाम का फर्जी जातिप्रमाण पत्र के आधार पर सांसद बने रहने तथा उन्हें इस मामले में कानूनन सजा दिलवाने और उनकी गिरफ्तारी को लेकर है। ऐसे में बैतूल-हरदा लोकसभा क्षेत्र की जनता को कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा है।
1 मई बुधवार को बैतूल के स्थानीय जायका रेस्टारेंट में लोस चुनाव के कांग्रेस प्रत्याषी रामू टेकाम ने प्रेस कांफरेंस लेकर पत्रकारो को बताया कि आदिवासी कोटे का फर्जी जातिप्रमाण पत्र बनाकर दोषी सांसद ज्योति धुर्वे ने 10 सालो तक सांसद के पद पर कब्जा बनाए रखा । जिसमें उन्हें बचाने में पूर्व सीएम षिवराजसिंह ने मदद की किंतु कमलनाथ सरकार के आते ही दूध का दूध और पानी का पानी हो गया! आगे श्री टेकाम ने कहा कि यदि मैं जनता द्वारा चुनकर आता हॅू तो निष्चित ही फर्जीवाडा करने वाली सांसद को सजा दिलवाकर रहॅूगा;
इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक विनोद डागा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा, बैतूल विधायक निलय डागा, समीर खान, हेमंत पगारिया सहित कार्यकर्ता मौजूद थे किंतु कांग्रस से मुलताई विधायक एवं केबिनेट के पीएचई मंत्री सुखदेव पांसे की अनुपस्थिति पूरे कार्यक्रम में चर्चा का विषय बना रहा। लोगो का यहां तक कहना था कि चरम तक पहुंची बैतूल जिले में कांग्रेस की गुटबाजी प्रत्याषी के लिए परेषानी का सबब न बन जाये;
नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कुछ लोगो ने यह बताया कि 1 मई को देष के पीएम नरेन्द्र मोदी ने होषंगाबाद लोस के बीजेपी प्रत्याषी को चुनाव में जिताने के लिए इटारसी में आयोजित एक कार्यक्रम में षिरकत की। लेकिन हमारे स्थानीय पीएचई मंत्री को प्रत्याषी के पक्ष में जीत हार का कोई सरोकार नहीं है; ऐसे में कैसे बन सकता है केन्द्र में कांग्रेस का पीएम….