Betul: आरटीओ का आदेश बेअसर, बस चालको ने बना लिए अघोषित बस अड्डे

बैतूल

सवारियां ढोने के लिए बसों को बीच सड़क पर खड़ा रखा जाता है। आए दिन शहर में हो रहे हादसे।

बैतूल। नवागत आरटीओ अधिकारी के बस स्टाप पर ही बस रोकने के सख्त निर्देश के बाद भी बस चालकों ने शहर में जगह-जगह अघोषित बस अड्डे बना लिए हैं जहां सवारियां ढोने के लिए बसों को बीच सड़क पर खड़ा रखा जाता है। बसों के अव्यवस्थित परिचालन की वजह से आए दिन शहर में हादसे हो रहे हैं। हादसों के बाद जब पुलिस का अमला जागता है तो चालानी कार्रवाई करने में जुट जाता है लेकिन व्यवस्था सुधारने में कोई प्रयास नहीं किए जाते हैं। अक्सर वस चालको द्वारा कोठीबाजार बस स्टैण्ड से बस निकलकर उत्कृष्ट स्कूल के सामने वाले रोड पर खड़ी कर सवारी बिठाते देखा गया है। उल्लेखनीय हो कि जिला अस्पताल के सामने कुछ दिन पहले स्कूटी सवार कॉलेज की एक छात्रा के दोनों हाथ बस के पहियों के नीचे आ गए थे। जिससे गंभीर हालत में छात्रा को नागपुर इलाज लिए रैफर करना पड़ा था। आज भी छात्रा नागपुर में अपना इलाज करा रही है लेकिन इस हादसे के बाद भी बसों के परिचालन में कोई विशेष सुधार देखने को नहीं मिला है। टाइमिंग के चक्कर में बस चालक अंधाधुंध तरीक से बसों का संचालन कर रहे हैं। बस स्टैंड से बस निकलने के बाद शहर से बाहर होने तक करीब एक दर्जन से अधिक जगहों पर खड़ी होती है जिसके कारण बस चालकों को बीच टाइमिंग को लेकर विवाद भी खड़े हो रहे हैं। वहीं शहर की यातायात व्यवस्था भी बिगड़ रही है। रविवार को जिला अस्पताल गेट के सामने बसों के आवागमन की वजह से पुन: अव्यवस्था का नाराज देखने को मिला। बस चालक ठीक अस्पताल के गेट के दोनों तरफ सड़क में बसें खड़ी कर देते हैं जिससे दोपहिया वाहन चालकों को भी निकलने में काफी दिक्कतें आती हैं।

इनका कहना-

हमारे द्वारा कोठीबाजार बस स्टैण्ड की रूटीन चेकिंग की जा रही है और ट्रेफिक पुलिस को भी देखरेख में लगाया गया है। वहीं हॉस्पिटल के सामने बस के रूकने को लेकर नई वैकल्पिक व्यवस्था बनाने को लेकर अभी कलेक्टर साहब से चर्चा की जा रही है। शीघ्र ही कोई हल निकालकर व्यवस्था को दुरूस्त करेगे।
सुश्री रंजना भदोरिया
आरटीओ अधिकारी, बैतूल