महिला उपनिरीक्षक से मारपीट मामले में कार्रवाई की मांग

बैतूल

आदिवासी संगठन ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन मे आरोपियों के विरुद्ध एससी एसटी एक्ट लगाए जाने की मांग

बैतूल। मोहदा थाने में उपनिरीक्षक के पद पर पदस्थ अमृता पति जितेंद्र चौहान के साथ विगत दिनों चिचोली बस स्टैंड पर दबंगों द्वारा की गई अभद्रता एवं मारपीट के मामले में शुक्रवार समस्त आदिवासी समाज संगठन ने आगे आकर दबंगों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में संगठन के दिलीप धुर्वे, महेश शाह उईके ने बताया कि इस मामले में चिचोली थाने में आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है लेकिन एससी एसटी एक्ट की कार्रवाई नहीं की गई है जिसको लेकर आदिवासी समाज में आक्रोष है। संगठन का कहना है कि अमृता चौहान आदिवासी समाज से है आदिवासी समाज की सुरक्षा के लिए शासन द्वारा विशेष प्रावधान के तहत एससी, एसटी, एक्ट बनाया गया है। चिचोली थाने में अमृता चौहान की रिपोर्ट पर आरोपी शशांक, मोनू आर्य, सेम आर्य के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया है लेकिन एससी एसटी एक्ट नहीं लगाया गया संगठन ने उक्त धाराओं के अतिरिक्त एससी एसटी एक्ट लगाने की मांग की है।

यह है मामला

चिचोली में की गई रिपोर्ट के अनुसार उपनिरीक्षक अमृता चौहान 1 मार्च को इंदौर से परीक्षा देकर चिचोली के बस स्टैंड पर उतरी थी। इस दौरान भीमपुर जाने के लिए कोई साधन नहीं होने की वजह से उन्होंने की चिचोली थाने में पदस्थ ममता रावत को फोन कर बस स्टैंड बुलाया ताकि वह उनके घर जा सके। रात करीब 10.40 बजे उप निरीक्षक अमृता एवं ममता रावत चिचोली बस स्टैंड से पैदल जा रहे थे। इस दौरान बाजार चौक चिचोली में पान ठेले पर कुछ लोग खड़े थे जिसमें से एक व्यक्ति ने उनका रास्ता रोककर वहां खड़ी बस हटाने के लिए कहा, उप निरीक्षक ने जब उनसे कहा कि थाने में जाकर बोलो तो इस बात पर आरोपियों ने उन्हें गाली देकर एवं कॉलर पकड़कर मारपीट की। मारपीट के दौरान उनका मंगलसूत्र टूट गया बीच बचाव में उनकी सहेली ममता रावत के साथ भी मारपीट की जिससे उनके दाहिने हाथ में चोट आई है। वहां खड़े लोग आरोपियों को शशांक, मोनू और सेम के नाम से पुकार रहे थे। शिकायत में उन्होंने कहा कि मैं शासकीय कार्य कर वापस लौट रही थी तब तीन आरोपियों ने उनके शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की है।