फसल ऋण माफी योजना में अंतर की राशि वहन करने से समितियों में डल जायेंगे ताले

प्रदेश

करोडों की गड्बडी रोकने की मॉग

होशंगाबाद, बैतूल। प्रदेश सरकार की जयकिसान फसल ऋणमाफी योजना में 31 मार्च 2018 की स्थिति की जा रही ऋणमाफी में अंतर की राशि 25 एवं 50 प्रतिशत अंशदान के रूप में सहकारी समितियों से अंशदान के रूप में अदा किये जाने के फरमान से जहॉ वे सभी समितिया जो भारी नुकसान व घाटे में है उनमें ताले लग जायेंगे और योजनामूर्त रूप लेने से पूर्व ही असफल हो जाने को ध्‍यान में रखते हुये नागरिक अधिकार जनसमस्‍या निराकरण समिति के अध्‍यक्ष आत्‍माराम यादव ने मुख्‍यमंत्री कमलनाथ, कृषि मंत्री सचिन यादव सहित विभाग प्रमुख से समितियों के अंशदान वहन करने की शर्त को हटाने की मॉग करते हुये उन समितियों का जिनका आडिट नहीं हुआ है के द्वारा लापरवाही से करोडों रूपये की गडबडी किये जाने से पूर्व सुधारे जाने की मॉग की है ा

नागरिक अधिकार जनसमस्‍या निराकरण समिति के अध्‍यक्ष के अनुसार होशंगाबाद, बैतूल सहित हरदा जिले की 181 समितियों में पिछले तीन-चार सालों से आडिट नहीं हुआ है और ये संस्‍थायें 300 करोड रूपये के नुकसान में है ऐसी स्थिति में अगर जयकिसान फसल ऋणमाफी योजना में सरकार द्वारा 1 से 2 वर्ष तक के किसानों के कर्ज की स्थिति में 75 अंशदान अदा कर 25 प्रतिशत समितियों से वहन कराया जाये तथा 2 वर्ष या उससे अधिक के किसानों के कर्ज में 50 प्रतिशत सरकार तथा 50 प्रतिशत समिति समिति के वहन करने से सभी समितियों में ताले डल जायेगेा जो कर्जमाफी का काम चल रहा है उसमें समितिबार आडिट रिपोर्ट एवं जॉच के के बिना चल रहा है तथा पूर्व में 31 मार्च 2018 को भाजपा सरकार में 100 प्रतिशत राशि में से 90 प्रतिशत जमा करने वाले कर्जदार किसानों को 10 प्रतिशत का अंश सरकार की ओर से जमा कर दिया गया था जिसके क्‍लेम किसी भी समिति ने तैयार नहीं किये है जबकि जयकिसान फसल ऋणमाफी योजना में सरकार द्वारा जमा करा दी गयी 10 प्रतिशत की करोडों रूपये की राशि का क्‍लेम तैयार कर उक्‍त राशि कम करके प्रकरण तैयार किये जाने चाहिये थे जो नहीं किये गयेा

श्री यादव के अनुसार पूरे प्रदेश में इस मद में करोडों रूपये लापरवही व चूक के कारण आर्थिक गडबडी का एक नया घोटाला सामने आयेगा जिस पर किसी का ध्‍यान नहीं गया हैं इतना ही नहीं पूर्व में मुख्‍यमंत्री कृषि समाधान योजना के तहत मूलराशि जमा करने वाले शतप्रतिशत किसानों का ब्‍याज माफ कर दिया गया था जिसमें 80 प्रतिशत ब्‍याज की राशि सरकार ने वहन की थी और 20 प्रतिशत समितियों के द्वारा वहन की गयी थी जिसके क्‍लेम तैयार कर इस योजना में इस राशि को कम करके मूल्‍यांकन करना था इतना ही नहीं 24 फरवरी 2016 को सरकार द्वारा अतिवृष्टि होने पर अल्‍पकालीन खरीफ ऋण को एमपी में परिवर्तन कर 3 समान वार्षिक किश्‍तों में वसूल किया जाता रहा और उसकी पहली किश्‍त फरवरी 2017 तक तथा दूसरी किश्‍त फरवरी 2018 तक एवं तीसरी एवं अंतिम किश्‍त फरवरी 2019 में होना हैा यह ऋणा कालातीत नहीं है उसे भी जयकिसान कर्जमाफी योजना में शमिल कर क्‍लेम किया गया है जबकि ऋण का अग्रिम क्‍लेम नहीं बनता है जो बनाया गया है इस प्रकार होशंगाबाद, बैतूल, हरदा जिला ही नहीं समूचे प्रदेश में राज्‍य सरकार को गंभीर नुकसान पहुचाने का प्रयास किया जाकर करोडों रूपये का फर्जीवाडा हुआ है जिस पर श्री यादव ने तत्‍काल रोक लगाने की मॉग की हैा