एयरफोर्स ने दिखाई दुश्मन के विध्वंस की ‘वायुशक्ति’

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IAF चीफ बोले- हर जिम्मेदारी के लिए हैं तैयार

India: पुलवामा हमले के 48 घंटे बीतने के बाद राजस्थान के पोकरण में भारतीय वायुसेना ने अपनी एयर एक्सरसाइज की शुरुआत की है। वायुसेना की ओर से पोकरण में आयोजित अभ्यास ‘वायुशक्ति-2019’ में सुखोई-30, मिग-29, मिराज-2000, जगुआर, मिग-27 जैसे फ्रंटलाइन फाइटर एयक्राफ्ट्स ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है।

एयरफोर्स ने मारक क्षमता का किया प्रदर्शनहाइलाइट्स

  • राजस्थान के पोकरण में शुरू हुआ वायुसेना का शक्ति प्रदर्शन
  • देश की सबसे बड़ी एयर टू ग्राउंड वेपन फायरिंग रेंज में दिखाई ताकत
  • सुखोई, मिग और मिराज विमानों ने वायुशक्ति-2019 में लिया हिस्सा
  • एयर फोर्स चीफ ने कहा- हर जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी तरह तैयार

पोकरण
राजस्थान के पोकरण रेंज में एयरफोर्स ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया तो एयर फोर्स चीफ एयर मार्शल बीएस धनोआ ने आश्वस्त किया कि पॉलिटिकल लीडरशिप जो भी जिम्मेदारी देगी उसे अच्छी तरह निभाने के लिए एयरफोर्स पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि हम हर मिशन को पूरा करने में सबसे आगे रहेंगे। 

14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए फिदायीन हमले के बाद भारत आतंकियों और आतंकियों के पनाहगारों को मुंहतोड़ जवाब देने के हर विकल्प पर बात कर रहा है। मिलिटरी ऑप्शन पर भी विचार किया जा रहा है। ऐसे में पोकरण में इंडियन एयरफोर्स ने अभ्यास कर अपना दम दिखाया। ‘अभ्यास वायुशक्ति-2019’ में 130 से ज्यादा फाइटर, ट्रांसपॉर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर ने हिस्सा लिया। ‘वायुशक्ति’ में स्वदेशी हथियारों की ताकत भी दुनिया को दिखाई गई। 

पोकरण में हो रहा यह एयरफोर्स का यह काफी बड़ा अभ्यास है। एयरफोर्स अपने हमला करने वाली ताकत का परीक्षण हर तीन साल में एक बार करती है। 1953 से 1989 तक ये प्रदर्शन दिल्ली के पास तिलपत रेंज में होता रहा, जिसे बाद में पोकरण में किया जाने लगा। इस अभ्यास के जरिए एयरफोर्स ने दिन के अलावा शाम और रात में युद्ध की अपनी क्षमता को भी परखा। 

वायुशक्ति-2019 में 130 से ज्यादा फाइटर, ट्रांसपॉर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर ने हिस्सा लिया।
वायुशक्ति अभ्यास में तमाम स्वदेशी एयरक्राफ्ट वेपन और इक्विपमेंट ने भी अपनी ताकत दिखाई। एक ओर जहां स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस ने अभ्यास में हिस्सा लिया वहीं देश में ही विकसित अडवांस लाइट हेलिकॉप्टर रुद्रा ने अपनी फायर पावर के जरिए दिखाया कि कैसे वह दुश्मन पर अटैक कर सकता है। 

वायुशक्ति में एयरफोर्स के विमानों ने दिखाई ताकतस्वदेशी मिसाइल सिस्टम ‘आकाश’ का प्रदर्शन
वायुशक्ति अभ्यास के दौरान स्वदेशी मिसाइल डिफेंस सिस्टम आकाश की मारक क्षमता भी दिखी। सतह से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल ने पहली बार अभ्यास में अपनी फायर पावर दिखाई। आकाश मिसाइल को हवा में मौजूद किसी खतरे जैसे एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर या ड्रोन को सतह से ही निशाना साधकर नष्ट करने के मकसद से डिफेंस लैब में ही विकसित किया गया है। आकाश मिसाइल की मारक क्षमता 25 किलोमीटर है। 

एयर टू ग्राउंड फायरिंग का प्रदर्शन
अस्त्र और मिग-29 ने दिखाई विध्वंस की शक्ति
इसके अलावा देश में ही बनी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल ‘अस्त्र’ ने भी अपनी मारक क्षमता दिखाई और दिखाया कि कैसे दुश्मन के ठिकानों को नष्ट किया जा सकता है। पहली बार मिग-29 विमान हवा से सतह पर अटैक करते हुए भी दिखा। मिग-29 विमान को एयरफोर्स ने अपग्रेड किया है। अब तक यह फाइटर एयक्राफ्ट हवा से हवा में मार करने की क्षमता दिखाता रहा है। 

एयरफोर्स हमला करने वाली अपनी ताकत का परीक्षण हर तीन साल पर करती है।