हत्या के बाद लाश काट रहा था डाक्टर

होशंगाबाद

होशंगाबाद। ड्राइवर वीरू की हत्या के बाद जब पुलिस डॉ. सुनील मंत्री के घर पहुंची तो वह उस समय लाश काट रहा था। पकड़े जाने के बाद उसके होश उड़ गए। फिर बेटे से फोन पर बात की, बोला- मैंने मर्डर कर दिया है, पुलिस आ गई है। इसके बाद करीब एक घंटे तक फूट-फूटकर रोया। इसके बाद वकील से बात की। सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस उसके आनंद नगर स्थित घर पर दोबारा पहुंची तब डाक्टर इटारसी से लौटकर मकान के अंदर घुसा था। वह लाश के टुकड़े कर रहा था, तभी पुलिस पहुंच गई। दरवाजा खुलवाकर अंदर गई तो नजारा देखकर होश उड़ गए। डाक्टर स्तब्ध हो गया। उसके हाथ में खून लगा था। वह उस समय भी आरी से टुकड़े कर रहा था। फिर उससे बेटे श्रीकांत (26) का नंबर लेकर उससे बात कराई। बेटा मुंबई में जॉब कर रहा है। उसकी छोटी बहन श्रेया (23) नागपुर में एमबीए कर रही है। बेटे ने पुलिस अधिकारियों से भी फोन पर बात की। उसे बताने के बाद मंत्री बहुत देर तक रोता रहा। शव के टुकड़ों को बोरियों में भरकर पीएम के लिए भोपाल मेडिको लीगल संस्थान भेजेंगे। तफ्शीस के बाद घटनास्थल से एसिड को धुलवाया।रात में चार घंटे तक आरी से करता रहा लाश के टुकड़े : हत्या के बाद डॉ. सुनील मंत्री ने रात में चार घंटे तक वीरू के शव के टुकड़े किए। फिर पूरा घर तेजाब से साफ किया। वह पहले आरी से सिर, धड़, जांघ और पैर के ज्वाइंट से काटता रहा। एक दर्जन बड़े टुकड़े करने के बाद छोटे-छोटे पीस किए। इसके बाद करीब सवा सौ लीटर वाले टैंक में डाल दिए। इसमें तेजाब भर रखा था। आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह सोमवार शाम को ड्यूटी से लौटा था। तभी वीरू ने दांत में दर्द होने की बात बताई थी। इस कारण उसने उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया। फिर ऑपरेशन में उपयोग होने वाले चाकू से गला रेंत दिया। इसके बाद तेजाब लेने मार्केट गया। तेजाब की बोतलों के साथ आरियां भी लाया। इसके बाद रात नौ बजे से एक बजे तक शव को काटता रहा। फिर घर में फैले खून को तेजाब से साफ किया। इसके बाद थक जाने पर सो गया। सुबह छह बजे उठा। मृतक के कपड़े लेकर इटारसी गया। यहां कपड़े ठिकाने लगाने के बाद आकर फिर शव के टुकड़े करने लगा था। झगड़ा भी हुआ था डॉक्टर से : वीरू को शक था कि डाक्टर के उसकी पत्नी से संबंध हैं। इस कारण वह पत्नी को पीटता भी था। डाक्टर के घर पर भी आकर झगड़ा किया था। वह डाक्टर को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस ने बताया कि वीरू की पत्नी डाक्टर की पत्नी के साथ बुटिक पर काम करती थी। डाक्टर की पत्नी की मौत होने के बाद कुछ माह तक उसी ने बुटिक संभाला था।अधिक एसिड खरीदने पर खुला राज दरअसल, कोतवाली पुलिस को इस हत्याकांड की दूसरे दिन सुबह तक भनक नहीं लगी थी। एसपी कार्यालय की डीएसबी खुफिया शाखा ने हलवाई चौक के समीप स्थित दुकान से अत्यधिक मात्रा में एसिड के बक्शे खरीदने की जानकारी मिलते ही एसपी के निर्देश पर डॉ. मंत्री के निवास पर दबिश दी। पहली बार वह नहीं मिला। जब टीम दूसरी बार पहुंची तो दरवाजे खुले हुए थे। फस्र्ट फ्लोर पर जाकर देखा तो हत्या का राज खुला। डॉ. मंत्री ने रात में 4 पेटी और दिन में 7 पेटी एसिड खरीदा था। एक पेटी एसिड कार से भी बरामद हुआ है। बताया गया कि जुमेराती निवासी वीरेंद्र पचौरी की पत्नी रानी डॉ. मंत्री से पूर्व से परिचित है। डॉ. की पत्नी सुषमा बुटिक-साड़ी सेंटर चलाती थी। इसी दौरान पहुंचान हुई। ऐसे उतारा मौत के घाट: आरोपी डॉ. मंत्री ने इटारसी सरकारी अस्पताल में अपनी कार के ड्राइवर वीरेंद्र उर्फ वीरू पचौरी की ओपीडी पर्ची बनवाकर डेन्टिस्ट से उपचार भी कराया था। पत्नी से अंतरंग संबंध को लेकर ड्राइवर पति से हुए विवाद में उसकी हत्या का प्लान बनाने के बाद शाम 5-6 बजे के बीच ड्राइवर ने जैसे ही दाड़ दर्द की बात कही तो डॉ. मंत्री ने उसे इंजेक्शन लगा दिया, जिससे वह बेहोश हो गया और इसी दौरान कटर से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।