Ganesha Chaturthi 2021: गणेश चतुर्थी के दिन इस शुभ मुहूर्त में गणपति स्थापित करने से मिलेगा लाभ

गणेश चतुर्दशी 2021 Ganesha Chaturthi 2021: गणेश चतुर्ती पर्व का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस दिन लोग अपने घर में गणपति की स्थापना करते हैं. 10 दिन तक चलने वाले इस पर्व में गणपति की खूब सेवा की जाती है. तरह-तरह के पकवानों से गणपति को भोग लगाया जाता है. इस समय सब भक्तिमय हो जाते हैं. गणपति की पंसदीदा चीजों को इस दौरान शामिल किया जाता है. पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है. गणपति की आरती की जाती है. घर को लाइटों और दीपों से सजाया जाता है और 10 दिन के बाद अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेशा का जोर-शोरों के साथ विसर्जन कर दिया जाता है. लेकिन इन सब में एक चीज जो […]

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रंगपंचमी : भगवान अपने भक्तों के साथ खेलते हैं रंग

अनिष्टकारी शक्तियों पर विजय पाने का पर्व TV24INDIANEWS DESK. चैत्र मास में कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को रंग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इसी के चलते इसको ये नाम मिला है। इस बार ये त्यौहार 25 मार्च को पड़ रहा है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन आसमान में रंग उड़ाने से रज और तम के प्रभाव कम हो कर उत्सव का सात्विक स्वरूप निखरता है और देवी-देवता भी प्रसन्न होते हैं।  रंगपंचमी के साथ होती है होली उत्सव की समाप्ती रंगों कर वर्षा करके भगवान देते हैं आशीर्वादये भी कहा जाता है कि आसमान से ही रंगों के जरिए भगवान भी अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। उत्तर भारत में जितनी धूमधाम से होली मनाई जाती है, उतने […]

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गणेश चतुर्थी व्रत गणेशजी को चढ़ाएं दूर्वा, इस मंत्र का करें जाप

TV24INDIANEWS DESK. रविवार, 24 मार्च को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है। इस तिथि पर गणेश चतुर्थी व्रत किया जाता है। जो लोग ये व्रत करते हैं, वे इस दिन चंद्र दर्शन करते हैं और पूजा के बाद भोजन ग्रहण करते हैं। रविवार को चंद्र उदय रात 10 के बाद होगा। ेज्योतिषाचार्य के अनुसार इस दिन सुख-समृद्धि के दाता भगवान गणेश की पूजा के साथ ही उनके 12 नाम मंत्रों का जाप भी करना चाहिए। मंत्र जाप कम से कम 108 बार करना चाहिए। जानिए गणेशजी की पूजा की सरल विधि और 12 नाम मंत्र…  पूजन विधि व मंत्र ये है गणेशजी की सरल पूजा विधिगणेश चतुर्थी की सुबह जल्दी उठें, स्नान के बाद सोने, चांदी, तांबे, पीतल या मिट्टी […]

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इस दिन से शुरू हो रहा है होलाष्टक, जानें- क्या है महत्व

इस साल 13 मार्च 2019 बुधवार से होलाष्टक शुरू होकर 20 मार्च 2019 बुधवार तक रहेगा. जानिए इस दौरान कौन-कौन से कार्य वर्जित होते हैं. होलाष्टक को ज्योतिष की दृष्टि से एक होलाष्टक दोष माना जाता है, जिसमें विवाह, गर्भाधान, गृह प्रवेश, निर्माण आदि शुभ कार्य वर्जित होते हैं. भारतीय मुहूर्त विज्ञान व ज्योतिष शास्त्र प्रत्येक कार्य के लिए शुभ मुहूर्तों का शोधन कर उसे करने की अनुमति देता है. वर्ष 2019 में होलाष्टक 13 मार्च 2019 बुधवार से शुरू होकर 20 मार्च 2019 बुधवार तक का समय होलाष्‍टक का रहेगा. 20 मार्च को होलिका दहन के साथ इसकी समाप्ति होगी. इन दिनों में सभी तरह के शुभ कार्य वर्जित होते हैं. कोई भी कार्य यदि शुभ मुहूर्त में किया […]

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10 फरवरी 2019 वसंत पंचमी

इस वर्ष 10 फरवरी को है वसंत पंचमी, रविसिद्धियोग में होगी सरस्वती पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त सरस्वती महामाये शुभे कमललोचिनी… विश्वरूपी विशालाक्षी … विद्यां देहि परमेश्वरी… । माघ शुक्ल पंचमी रविवार 10 फरवरी को विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की पूजा होगी। इसी दिन मां सरस्वती का अवतार माना जाता है। सरस्वती ब्रह्म की शक्ति के रूप में भी जानी जाती हैं। नदियों की देवी के रूप में भी इनकी पूजा की जाती है। इस वर्ष सरस्वती पूजा पर ग्रह-गोचरों का महासंयोग बन रहा है। सरस्वती पूजा पर रविवार, रवि सिद्धियोग,अबूझ नक्षत्र और 10 तारीख का महासंयोग बन रहा है। माघ शुक्ल पंचमी शनिवार 9 फरवरी की दोपहर 12.25 बजे से शुरू होगा जो रविवार 10 फरवरी को दोपहर […]

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Dus-Mahavidya

महान ज्ञान तथा शक्ति स्वरूपी दस श्रोत ‘ दस महा विद्याएँ’।

माता आद्या शक्ति आद्या शक्ति के विभिन्न रूपों में दस महाविद्याओं का संक्षिप्त परिचय तथा वर्णन जागत पालनकर्ता भगवान विष्णु के अन्तः कारण की शक्ति सर्व-स्वरूपा योगमाया-आदि शक्ति महामाया हैं तथा देवी ही प्रत्यक्ष तथा परोक्ष रूप से संपूर्ण ब्रह्माण्ड के उत्पत्ति, स्थिति तथा लय की कारण भूता हैं। ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव की उत्पत्ति इन्हीं के अनुसार हुई हैं। सृष्टि के सुचारु सञ्चालन हेतु, भगवान विष्णु पालनहार, ब्रह्मारचनाकार, तथा शिव संहारक पद, महामाया आद्या शक्ति द्वारा ही इन महा-देवों को प्राप्त हैं। क्रमशः तीनों महा देव तीन प्राकृतिक गुणों के कारक बने सत्व गुण, रजो गुण तथा तमो गुण, संपूर्ण ब्रह्माण्ड का सञ्चालन इन्हीं गुणों के द्वारा ही होता हैं; परन्तु इन कार्यों की इच्छा शक्ति, आदि शक्ति की आधारभूत शक्ति हैं। त्रि-देवों के अनुसार ही इनकी जीवन संगिनी त्रि-देवियाँ भी इन कार्यों में संलग्न […]

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साल का पहला चंद्रग्रहण कल, चंद घंटों में लग जाएगा सूतक

Chandra Grahan 2019 Publish Date:Sun, 20 Jan 2019 04:15 PM (IST) नई दिल्ली। साल का पहला चंद्रगहण 21 जनवरी को है। हालांकि यह चंद्रग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, लेकिन धार्मिक दृष्टि से यह खगोलीय घटना यहां बहुत महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिकों द्वारा सुपर ब्लड मून कहा जा रहा यह चंद्रग्रहण केवल अफ्रीका, यूरोप, उत्तरी-दक्षिणी अमेरिका और मध्य प्रशांत के देशों में दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार चंद्रग्रहण सुबह 10.11 बजे से शुरू होगा और 11.12 बजे तक रहेगा। पंडितों के मुताबिक, सूतक 20 जनवरी की रात 9 बजे से ही शुरू हो जाएगा। सूतक में कई बातों का ध्यान रखा जाता है। भगवान की मूर्तियों को स्पर्श नहीं किया जाता है। कोशिश करना चाहिए कि सूतक शुरू होने से पहले ही भोजन […]

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कालभैरव की आराधना से मिलती है शत्रु पर विजय

धर्म-कर्म भारतीय संस्कृति को व्रत और त्यौहारों की संस्कृति कहा जाता है। हर मास और तिथि को किसी न किसी त्यौहार का महत्व शास्त्रों में दिया गया है। हर तिथि देवी-देवता को समर्पित है और पर्वों को खाने-खजाने से लेकर विभिन्न तरह के रंग-बिरंगे परिधानों से जोड़ा गया है। हिन्दू धर्मशास्त्रों में वर्णित ऐसा ही एक पर्व है कालाष्टमी। यह पर्व कालभैरव को समर्पित है। इस दिन भैरव महाराज की पूजा- आराधना से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। कालभैरव का जन्म शिव के क्रोध से हुआ था। और मान्यता है कि इसी तिथि को भैरव महाराज का जन्म हुआ था इसलिए कालाष्टमी को भैरव अष्टमी भी कहा जाता है। देव भैरव को साक्षात दुष्टों का काल माना जाता है […]

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